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mahabharat 13.50.23: अयोगव जाति की पापिनी स्त्री वैदेह जाति के पुरुष के साथ सहवास करके अत्यन्त क्रूर और कपटी पुत्र को जन्म देती है। वही स्त्री निषाद के साथ सहवास करके मद्रनाभ जाति के बालक को जन्म देती है, जो गधे पर सवार होता है।॥23॥   |   mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.50.23 
वैदेहकाच्च पापिष्ठा क्रूरं मायोपजीविनम्।
निषादान्मद्रनाभं च खरयानप्रयायिनम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अयोगव जाति की पापिनी स्त्री वैदेह जाति के पुरुष के साथ सहवास करके अत्यन्त क्रूर और कपटी पुत्र को जन्म देती है। वही स्त्री निषाद के साथ सहवास करके मद्रनाभ जाति के बालक को जन्म देती है, जो गधे पर सवार होता है।॥23॥
 
A sinful woman belonging to the Ayogava caste, by mating with a man belonging to the Vaideha caste, gives birth to a very cruel and deceptive son. The same woman, by the union with a Nishad, gives birth to a child belonging to the Madranabh caste, who rides a donkey.॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)