| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 13.50.22  | चतुरो मागधी सूते क्रूरान् मायोपजीविन:।
मांसं स्वादुकरं क्षौद्रं सौगन्धमिति विश्रुतम्॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | इस प्रकार मगध जाति की सैरंध्री स्त्री, अयोग आदि चार वर्णों के साथ सहवास करके उपर्युक्त चार प्रकार के क्रूर पुत्रों को जन्म देती है, जो माया द्वारा जीविका चलाते हैं। इनके अतिरिक्त मागधी सैरंध्री से चार अन्य प्रकार के पुत्र उत्पन्न होते हैं, जो उसके सजातीय अर्थात् मगध-सैरंध्र से उत्पन्न होते हैं। ये चार नामों से प्रसिद्ध हैं: मांस, स्वादुकार, क्षौद्र और सौगंध। | | | | In this way, a Sairandhri woman of Magadh caste, by mating with the four castes like Aayog and others, gives birth to the above mentioned four types of cruel sons who earn their living by Maya. Apart from these, four other types of sons are born from Magadhi Sairandhri, who are born from his cognate i.e. Magadha-Sairandhra. They are famous by these four names: Meat, Swadukar, Kshaudra and Saugandh. | | ✨ ai-generated | | |
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