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mahabharat 13.5.24: सज्जन पुरुषों के लिए दूसरों पर दया करना महान धर्म का लक्षण है। सज्जन पुरुषों को दया सदैव आनंद प्रदान करती है॥24॥   |   mahabharat अध्याय 13.5: स्वामिभक्त एवं दयालु पुरुषकी श्रेष्ठता बतानेके लिये इन्द्र और तोतेके संवादका उल्लेख   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.5.24 
अनुक्रोशो हि साधूनां महद्धर्मस्य लक्षणम्।
अनुक्रोशश्च साधूनां सदा प्रीतिं प्रयच्छति॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सज्जन पुरुषों के लिए दूसरों पर दया करना महान धर्म का लक्षण है। सज्जन पुरुषों को दया सदैव आनंद प्रदान करती है॥24॥
 
‘For the noble men, showing mercy to others is a sign of great religion. Compassion always brings joy to the noble men.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)