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mahabharat 13.49.44: जब सभी जातियों के धन और स्त्रियाँ लुटेरों द्वारा लूटी जा रही हों, तब राजा ही उनका रक्षक होता है।   |   mahabharat अध्याय 13.49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  13.49.44 
दस्युभिर्ह्रियमाणं च धनं दारांश्च सर्वश:।
सर्वेषामेव वर्णानां त्राता भवति पार्थिव:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
जब सभी जातियों के धन और स्त्रियाँ लुटेरों द्वारा लूटी जा रही हों, तब राजा ही उनका रक्षक होता है।
 
The king alone is the protector of the wealth and women of all castes when they are being looted by robbers. 44.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)