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mahabharat 13.49.34: केवल ब्राह्मण स्त्री को ही अपने पति को भोजन, पेय, माला, वस्त्र और आभूषण भेंट करने चाहिए, क्योंकि वह अकेली ही अन्य किसी स्त्री की अपेक्षा अधिक सम्मान की पात्र है।   |   mahabharat अध्याय 13.49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  13.49.34 
अन्नं पानं च माल्यं च वासांस्याभरणानि च।
ब्राह्मण्यैतानि देयानि भर्तु: सा हि गरीयसी॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
केवल ब्राह्मण स्त्री को ही अपने पति को भोजन, पेय, माला, वस्त्र और आभूषण भेंट करने चाहिए, क्योंकि वह अकेली ही अन्य किसी स्त्री की अपेक्षा अधिक सम्मान की पात्र है।
 
Only a Brahmin woman should offer her husband food, drink, garlands, clothes and ornaments, because she alone is more deserving of honour for him than any other woman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)