श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  13.49.30 
भीष्म उवाच
दारा इत्युच्यते लोके नाम्नैकेन परंतप।
प्रोक्तेन चैव नाम्नायं विशेष: सुमहान् भवेत् ॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे शत्रुओं को पीड़ा देने वाले राजन! इस संसार में सभी स्त्रियाँ एक ही नाम 'दारा' से जानी जाती हैं। यह तथाकथित नाम ही चारों वर्णों की स्त्रियों से उत्पन्न पुत्रों में महान भेद का कारण है ॥30॥
 
Bhishma said, "O King who torments his enemies! In this world all women are identified by the single name 'Dara'. This so-called name is the reason for the great difference between the sons born to women of the four castes.*॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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