श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  13.49.27 
युधिष्ठिर उवाच
शूद्रायां ब्राह्मणाज्जातो यद्यदेयधन: स्मृत:।
केन प्रतिविशेषेण दशमोऽप्यस्य दीयते॥ २७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! यदि यह कहा गया है कि शूद्र से ब्राह्मण के यहाँ उत्पन्न पुत्र को धन नहीं देना चाहिए, तो फिर किस विशेष गुण के कारण उसे पैतृक धन का दशांश भी दिया जाता है? ॥27॥
 
Yudhishthira asked - Grandfather! If it is said that a son born to a Brahmin from a Shudra should not be given wealth, then due to which special quality is he given even a tenth of the ancestral wealth? ॥27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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