Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.49.22: जब ब्राह्मण के पास तीन वर्ष तक निर्वाह करने लायक धन इकट्ठा हो जाए, तो उसे उस धन से यज्ञ करना चाहिए। उसे अनावश्यक रूप से धन संचय नहीं करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 13.49: ब्राह्मण आदि वर्णोंकी दायभाग-विधिका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब ब्राह्मण के पास तीन वर्ष तक निर्वाह करने लायक धन इकट्ठा हो जाए, तो उसे उस धन से यज्ञ करना चाहिए। उसे अनावश्यक रूप से धन संचय नहीं करना चाहिए।
When a Brahmin has accumulated more wealth than is sufficient to sustain him for three years, he should perform a yajna with that wealth. He should not hoard wealth unnecessarily. 22.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥