Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.47.22: जो पापी मनुष्य बलपूर्वक कुमारी कन्या को वश में करके उससे भोग करते हैं, वे अंधकारमय नरक में गिरते हैं ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 13.47: कन्याके विवाहका तथा कन्या और दौहित्र आदिके उत्तराधिकारका विचार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 47: कन्याके विवाहका तथा कन्या और दौहित्र आदिके उत्तराधिकारका विचार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.47.22 
वश्यां कुमारीं बलतो ये तां समुपभुञ्जते।
एते पापस्य कर्तारस्तमस्यन्धे च शेरते॥ २२॥
 
 
अनुवाद
जो पापी मनुष्य बलपूर्वक कुमारी कन्या को वश में करके उससे भोग करते हैं, वे अंधकारमय नरक में गिरते हैं ॥22॥
 
Those sinful men who by force take control of a virgin girl and enjoy her, fall into the dark hell. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)