Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.47.11: भीष्म बोले, "बेटा! पुत्र आत्मा के समान होता है और पुत्री भी पुत्र के समान होती है। अतः जब पुत्र स्वयं आत्मा है, तो कोई उसका धन कैसे छीन सकता है?" | mahabharat अध्याय 13.47: कन्याके विवाहका तथा कन्या और दौहित्र आदिके उत्तराधिकारका विचार । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले, "बेटा! पुत्र आत्मा के समान होता है और पुत्री भी पुत्र के समान होती है। अतः जब पुत्र स्वयं आत्मा है, तो कोई उसका धन कैसे छीन सकता है?"
Bhishma said, "Son! A son is like one's own soul and a daughter is also like a son. So, how can anyone take away one's wealth when one has a son who is the soul itself?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥