श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 46: कन्या-विवाहके सम्बन्धमें पात्रविषयक विभिन्न विचार  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  13.46.9 
पञ्चानां तु त्रयो धर्म्या द्वावधर्म्यौ युधिष्ठिर।
पैशाचश्चासुरश्चैव न कर्तव्यो कथंचन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! इन पाँच (ब्राह्म, प्रजापत्य, गन्धर्व, आसुर और राक्षस) विवाहों में से ऊपर बताए गए तीन विवाह धर्मानुकूल हैं और शेष दो पापपूर्ण हैं। दैत्यों और राक्षसों को किसी भी प्रकार विवाह नहीं करना चाहिए।*॥9॥
 
Yudhisthira! Out of these five (Brahma, Prajapatya, Gandharva, Asura and Rakshasa) marriages, the three marriages mentioned above are religious and the remaining two are sinful. Demons and demons should not marry in any way*॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)