Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.46.48-49: इस विषय में पूर्व लोगों ने सत्यवान् से पूछा था, 'हे मुनि! यदि कन्या का शुल्क चुकाने के बाद, शुल्क चुकाने वाला व्यक्ति मर जाए, तो क्या कोई दूसरा उससे विवाह कर सकता है या नहीं? इसमें हमें धार्मिक शंका है। कृपया इसका समाधान करें; क्योंकि आप मुनियों द्वारा आदरणीय हैं।' 48-49   |   mahabharat अध्याय 13.46: कन्या-विवाहके सम्बन्धमें पात्रविषयक विभिन्न विचार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 46: कन्या-विवाहके सम्बन्धमें पात्रविषयक विभिन्न विचार  »  श्लोक 48-49
 
 
श्लोक  13.46.48-49 
अस्मिन्नर्थे सत्यवन्तं पर्यपृच्छन्त वै जना:।
कन्याया: प्राप्तशुल्काया: शुल्कद: प्रशमं गत:॥ ४८॥
पाणिग्रहीता वान्य: स्यादत्र नो धर्मसंशय:।
तन्नश्छिन्धि महाप्राज्ञ त्वं हि वै प्राज्ञसम्मत:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
इस विषय में पूर्व लोगों ने सत्यवान् से पूछा था, 'हे मुनि! यदि कन्या का शुल्क चुकाने के बाद, शुल्क चुकाने वाला व्यक्ति मर जाए, तो क्या कोई दूसरा उससे विवाह कर सकता है या नहीं? इसमें हमें धार्मिक शंका है। कृपया इसका समाधान करें; क्योंकि आप मुनियों द्वारा आदरणीय हैं।' 48-49
 
In this regard, the earlier people had asked Satyavan, 'O great sage! If after paying the fee for the girl, the person who has paid the fee dies, can someone else marry her or not? We have a religious doubt in this. Please resolve this; because you are respected by the wise men. 48-49.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)