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mahabharat 13.46.38: विचित्रवीर्य के विवाह के लिए मैंने मगध, काशी और कोसल के सभी वीरों को पराजित किया था तथा काशी नरेश की दो पुत्रियों का हरण किया था।   |   mahabharat अध्याय 13.46: कन्या-विवाहके सम्बन्धमें पात्रविषयक विभिन्न विचार   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.46.38 
अहं विचित्रवीर्यस्य द्वे कन्ये समुदावहम्।
जित्वा च मागधान् सर्वान् काशीनथ च कोसलान्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
विचित्रवीर्य के विवाह के लिए मैंने मगध, काशी और कोसल के सभी वीरों को पराजित किया था तथा काशी नरेश की दो पुत्रियों का हरण किया था।
 
For the marriage of Vichitravirya, I had defeated all the heroes of Magadha, Kashi and Kosala and abducted the two daughters of the King of Kashi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)