Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.46.11: ब्राह्मण के लिए तीन पत्नियाँ बताई गई हैं (ब्राह्मण कन्या, क्षत्रिय कन्या और वैश्य कन्या), क्षत्रिय के लिए दो पत्नियाँ बताई गई हैं (क्षत्रिय कन्या और वैश्य कन्या)। वैश्य को अपनी ही जाति की कन्या से विवाह करना चाहिए। इन पत्नियों से उत्पन्न संतानें अपने पिता के समान वर्ण की होती हैं (माता के कुल या वर्ण के कारण उनमें कोई भेद नहीं होता)।॥11॥ | mahabharat अध्याय 13.46: कन्या-विवाहके सम्बन्धमें पात्रविषयक विभिन्न विचार । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण के लिए तीन पत्नियाँ बताई गई हैं (ब्राह्मण कन्या, क्षत्रिय कन्या और वैश्य कन्या), क्षत्रिय के लिए दो पत्नियाँ बताई गई हैं (क्षत्रिय कन्या और वैश्य कन्या)। वैश्य को अपनी ही जाति की कन्या से विवाह करना चाहिए। इन पत्नियों से उत्पन्न संतानें अपने पिता के समान वर्ण की होती हैं (माता के कुल या वर्ण के कारण उनमें कोई भेद नहीं होता)।॥11॥
Three wives have been mentioned for a Brahmin (Brahmin girl, Kshatriya girl and Vaishya girl), two wives have been mentioned for a Kshatriya (Kshatriya girl and Vaishya girl). A Vaishya should marry only a girl of his own caste. The children born from these wives belong to the same Varna as their father (there is no difference between them due to the clan or Varna of the mother).॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥