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mahabharat 13.45.1: भीष्म कहते हैं - हे पुरुषों! महाबली देवशर्मा ने अपने शिष्य विपुल को आते देखकर जो कहा, वह मैं तुमसे कहता हूँ। सुनो।   |   mahabharat अध्याय 13.45: देवशर्माका विपुलको निर्दोष बताकर समझाना और भीष्मका युधिष्ठिरको स्त्रियोंकी रक्षाके लिये आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 45: देवशर्माका विपुलको निर्दोष बताकर समझाना और भीष्मका युधिष्ठिरको स्त्रियोंकी रक्षाके लिये आदेश देना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.45.1 
भीष्म उवाच
तमागतमभिप्रेक्ष्य शिष्यं वाक्यमथाब्रवीत्।
देवशर्मा महातेजा यत् तत् शृणु जनाधिप॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - हे पुरुषों! महाबली देवशर्मा ने अपने शिष्य विपुल को आते देखकर जो कहा, वह मैं तुमसे कहता हूँ। सुनो।
 
Bhishma says - Lord of men! I am telling you what the mighty Devasharma said to his disciple Vipul on seeing him coming. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)