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श्लोक  13.44.6 
तस्या: शरीरात् पुष्पाणि पतितानि महीतले।
तस्याश्रमस्याविदूरे दिव्यगन्धानि भारत॥ ६॥
 
 
अनुवाद
भरत! उसके शरीर से दिव्य सुगंधि बिखेरते हुए कुछ दिव्य पुष्प देवशर्मा के आश्रम के पास पृथ्वी पर गिरे।
 
Bhaarat! Some divine flowers from her body, which were emitting divine fragrance, fell on the earth near the hermitage of Dev Sharma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)