Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.44.4: हे कुरुवंश को आनन्द पहुँचाने वाले युधिष्ठिर! कुछ समय व्यतीत होने पर गुरुपत्नी की बड़ी बहन रुचि के विवाह का अवसर आया, जिसमें बहुत-सा धन-धान्य व्यय होने वाला था॥4॥ | mahabharat अध्याय 13.44: विपुलका गुरुकी आज्ञासे दिव्य पुष्प लाकर उन्हें देना और अपने द्वारा किये गये दुष्कर्मका स्मरण करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुरुवंश को आनन्द पहुँचाने वाले युधिष्ठिर! कुछ समय व्यतीत होने पर गुरुपत्नी की बड़ी बहन रुचि के विवाह का अवसर आया, जिसमें बहुत-सा धन-धान्य व्यय होने वाला था॥4॥
Yudhishthira, who brings joy to the Kuru clan! After some time had passed, the occasion of the wedding of the elder sister of the Guru's wife Ruchi arrived, in which a lot of wealth and food grains were to be spent.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥