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mahabharat 13.43.24: मेरे बुद्धिमान गुरु बड़े भयंकर हैं। आज जब वे तुम पापियों को देखेंगे, तो अपनी क्रोध भरी दृष्टि से तुम्हें जलाकर भस्म कर देंगे।   |   mahabharat अध्याय 13.43: विपुलका देवराज इन्द्रसे गुरुपत्नीको बचाना और गुरुसे वरदान प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 43: विपुलका देवराज इन्द्रसे गुरुपत्नीको बचाना और गुरुसे वरदान प्राप्त करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.43.24 
स च घोरतमो धीमान् गुरुर्मे पापचेतसम्।
दृष्ट्वा त्वां निर्दहेदद्य क्रोधदीप्तेन चक्षुषा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मेरे बुद्धिमान गुरु बड़े भयंकर हैं। आज जब वे तुम पापियों को देखेंगे, तो अपनी क्रोध भरी दृष्टि से तुम्हें जलाकर भस्म कर देंगे।
 
My wise Guru is very fearsome. Today, when he sees you, the sinner, he will burn you to ashes with his angry glance. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)