Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.43.1: भीष्म कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात् एक समय देवताओं के राजा इन्द्र यह सोचकर कि 'यह ऋषि की पत्नी रुचि को लुभाने का अच्छा अवसर है' दिव्य रूप और शरीर धारण करके उस आश्रम में आये। | mahabharat अध्याय 13.43: विपुलका देवराज इन्द्रसे गुरुपत्नीको बचाना और गुरुसे वरदान प्राप्त करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात् एक समय देवताओं के राजा इन्द्र यह सोचकर कि 'यह ऋषि की पत्नी रुचि को लुभाने का अच्छा अवसर है' दिव्य रूप और शरीर धारण करके उस आश्रम में आये।
Bhishma says - O King! Thereafter, at one time, thinking that 'this is a good opportunity to woo the sage's wife Ruchi', King of the Gods Indra came to that hermitage in a divine form and body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥