Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.42.2: इस विषय में मैं तुम्हें एक प्राचीन कथा सुनाता हूँ कि पूर्वकाल में महर्षि विपुल ने किस प्रकार एक स्त्री (गुरुपत्नी) की रक्षा की थी॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 13.42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.42.2 
अत्र ते वर्तयिष्यामि इतिहासं पुरातनम्।
यथा रक्षा कृता पूर्वं विपुलेन महात्मना॥ २॥
 
 
अनुवाद
इस विषय में मैं तुम्हें एक प्राचीन कथा सुनाता हूँ कि पूर्वकाल में महर्षि विपुल ने किस प्रकार एक स्त्री (गुरुपत्नी) की रक्षा की थी॥ 2॥
 
In this regard I will tell you an ancient story about how in the past the great sage Vipul had protected a woman (Guru's wife).॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)