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mahabharat 13.42.19-20h: वह यह भी जानता था कि इंद्र एक महान स्त्रियोचित व्यक्ति है, इसलिए उसने अपनी पत्नी को उससे बचाने की बहुत कोशिश की।   |   mahabharat अध्याय 13.42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  13.42.19-20h 
पुरन्दरं च जानीते परस्त्रीकामचारिणम्॥ १९॥
तस्माद् बलेन भार्याया रक्षणं स चकार ह।
 
 
अनुवाद
वह यह भी जानता था कि इंद्र एक महान स्त्रियोचित व्यक्ति है, इसलिए उसने अपनी पत्नी को उससे बचाने की बहुत कोशिश की।
 
He also knew that Indra was a great womaniser, so he tried very hard to protect his wife from him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)