Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.42.17-18h: उसका रूप देखकर देवता, गंधर्व और राक्षस भी मदमस्त हो जाते थे। राजेन्द्र! वृत्रासुर का वध करने वाले पक्षाघाती इन्द्र उस स्त्री पर विशेष रूप से मोहित थे। | mahabharat अध्याय 13.42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसका रूप देखकर देवता, गंधर्व और राक्षस भी मदमस्त हो जाते थे। राजेन्द्र! वृत्रासुर का वध करने वाले पक्षाघाती इन्द्र उस स्त्री पर विशेष रूप से मोहित थे।
Seeing his form, even gods, Gandharvas and demons would become intoxicated. Rajendra! Pakshasan Indra, who killed Vritrasura, was especially enamored with that woman.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥