Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.42.10-11h: वे मदोन्मत्त कन्याएँ कामातुर हैं और सदैव पुरुषों को कष्ट पहुँचाती रहती हैं। देवताओं के स्वामी ब्रह्मा ने काम की सहायता के लिए क्रोध की सृष्टि की। इसी काम और क्रोध के प्रभाव में सभी स्त्री-पुरुष एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं। | mahabharat अध्याय 13.42: भृगुवंशी विपुलके द्वारा योगबलसे गुरुपत्नीके शरीरमें प्रवेश करके उसकी रक्षा करना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे मदोन्मत्त कन्याएँ कामातुर हैं और सदैव पुरुषों को कष्ट पहुँचाती रहती हैं। देवताओं के स्वामी ब्रह्मा ने काम की सहायता के लिए क्रोध की सृष्टि की। इसी काम और क्रोध के प्रभाव में सभी स्त्री-पुरुष एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं।
Those drunken girls are lustful and always trouble men. Lord Brahma, the lord of gods, created anger to help lust. Under the influence of these lust and anger, all the men and women get attracted to each other. 10 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥