श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 41: स्त्रियोंकी रक्षाके विषयमें युधिष्ठिरका प्रश्न  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  13.41.9-10h 
अनृतं सत्यमित्याहु: सत्यं चापि तथानृतम्॥ ९॥
इति यास्ता: कथं वीर संरक्ष्या: पुरुषैरिह।
 
 
अनुवाद
वीर! यहाँ पुरुष ऐसी स्त्रियों की रक्षा कैसे कर सकते हैं जिनके झूठ को सत्य और सत्य को झूठ कहा गया है?॥9 1/2॥
 
Brave! How can men protect such women here whose lies have been called truth and truth has been called lies?॥ 9 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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