| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 41: स्त्रियोंकी रक्षाके विषयमें युधिष्ठिरका प्रश्न » श्लोक 6-7h |
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| | | | श्लोक 13.41.6-7h  | गावो नवतृणानीव गृह्णन्त्येता नवं नवम्।
शम्बरस्य च या माया माया या नमुचेरपि॥ ६॥
बले: कुम्भीनसेश्चैव सर्वास्ता योषितो विदु:। | | | | | | अनुवाद | | जैसे गायें नई घास चरती हैं, वैसे ही ये स्त्रियाँ नए-नए पुरुषों को अपनाती रहती हैं। ये कन्याएँ शम्बरासुर की माया तथा नमुचि, बलि और कुंभैणसी की माया को जानती हैं। | | | | Just like cows graze on new grass, similarly these women keep adopting new men. These girls know the illusion of Shambarasur and the illusions of Namuchi, Bali and Kumbhainasi. 6 1/2. | | ✨ ai-generated | | |
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