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mahabharat 13.40.23: स्त्रियाँ इसीलिए सुरक्षित हैं क्योंकि वे पुरुषों से मिल नहीं पातीं, क्योंकि वे परिवार के अन्य सदस्यों से डरती हैं, और क्योंकि वे मारे जाने या कैद किए जाने से डरती हैं।॥23॥   |   mahabharat अध्याय 13.40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.40.23 
अलाभात् पुरुषाणां हि भयात् परिजनस्य च।
वधबन्धभयाच्चापि स्वयं गुप्ता भवन्ति ता:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
स्त्रियाँ इसीलिए सुरक्षित हैं क्योंकि वे पुरुषों से मिल नहीं पातीं, क्योंकि वे परिवार के अन्य सदस्यों से डरती हैं, और क्योंकि वे मारे जाने या कैद किए जाने से डरती हैं।॥23॥
 
Women are safe only because they are not able to meet men, because they are afraid of other members of the family, and because they are afraid of being killed or imprisoned.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)