श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 40: पञ्चचूड़ा अप्सराका नारदजीसे स्त्रियोंके दोषोंका वर्णन करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.40.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नारदस्य च संवादं पुंश्चल्या पञ्चचूडया॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, 'हे राजन! इस प्रसंग में देवर्षि नारद और अप्सरा पंचचूड़ा के मध्य हुए वार्तालाप का प्राचीन इतिहास से उदाहरण दिया जाता है॥ 2॥
 
Bhishma said, 'O King! In this context, an example is given from the ancient history of the conversation between sage Devarshi Narada and the Apsara Panchachuda.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)