Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.4.50-60h: भगवान मधुच्छंदा, शक्तिशाली देवरात, अक्षिण, शकुंत, बभ्रु, कलपथ, प्रसिद्ध याज्ञवल्क्य, महाव्रती स्थून, उलूक, यमदूत, ऋषि सैन्धवायन, भगवान वल्गुजंघ, महर्षि गालव, वज्रमुनि, प्रसिद्ध सालंकायन, लीलाध्य, नारद, कुरचमुख, वदुली, मूसल, वक्षोग्रीव, अंगृक, नायकदृक, शिलायुप, शीत, शुचि, चक्रक। मरुतन्तव्य, वातघ्न, अश्वलायन, श्यामायन, गार्ग्य, जाबालि, सुश्रुत, करिषि, संश्रुत्य, पार, पौरव, तंतु, महर्षि कपिल, मुनिवर ताड़कायन, उपगाहन, असुरायण ऋषि, मर्दमर्षि, हिरण्याक्ष, जंगारि, बभ्रव्याणी, भूति, विभूति, सूत, सुरकृत, अरलि, नाचिक, चम्पेय। उज्जयन, नवतंतु, बकनख, सेयान, यति, अंभोरुह, चारुमत्स्य, शिऋषि, गर्दभि, उर्जयोनि, उदापेक्षी और महर्षि नारदी - ये सभी विश्वामित्र और ब्रह्मवादी ऋषियों के पुत्र थे। 50—59 1/2 | mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह