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mahabharat 13.4.5: बलाकाश्व का पुत्र वल्लभन नाम से प्रसिद्ध हुआ, जो वस्तुतः दूसरे धर्म के समान था। वल्लभ के पुत्र कुशिक हुए, जो इन्द्र के समान तेजस्वी थे। 5॥   |   mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.4.5 
वल्लभस्तस्य तनय: साक्षाद्धर्म इवापर:।
कुशिकस्तस्य तनय: सहस्राक्षसमद्युति:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
बलाकाश्व का पुत्र वल्लभन नाम से प्रसिद्ध हुआ, जो वस्तुतः दूसरे धर्म के समान था। वल्लभ के पुत्र कुशिक हुए, जो इन्द्र के समान तेजस्वी थे। 5॥
 
Balakashva's son became famous by the name Vallabhan, which was actually similar to another religion. Vallabha's son was Kushik, who was as bright as Indra. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)