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mahabharat 13.4.38: "मैंने आपके चरणों में सम्पूर्ण दिव्य शक्ति धारण कर ली थी और आपकी माता के चरणों में सम्पूर्ण क्षत्रिय शक्तियाँ स्थापित कर दी थीं।" ॥38॥   |   mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  13.4.38 
मया हि विश्वं यद्‍ब्रह्म त्वच्चरौ संनिवेशितम्।
क्षत्रवीर्यं च सकलं चरौ तस्या निवेशितम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
"मैंने आपके चरणों में सम्पूर्ण दिव्य शक्ति धारण कर ली थी और आपकी माता के चरणों में सम्पूर्ण क्षत्रिय शक्तियाँ स्थापित कर दी थीं।" ॥38॥
 
"I had imbibed in your feet the entire divine energy and in your mother's feet I had established all the Kshatriya powers." ॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)