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mahabharat 13.4.31: अपने पति द्वारा दी गई मंत्रयुक्त भेंट मुझे दे दो और मेरी भेंट ग्रहण करो।’ 31.   |   mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.4.31 
भर्त्रा य एष दत्तस्ते चरुर्मन्त्रपुरस्कृत:।
एनं प्रयच्छ मह्यं त्वं मदीयं त्वं गृहाण च॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
अपने पति द्वारा दी गई मंत्रयुक्त भेंट मुझे दे दो और मेरी भेंट ग्रहण करो।’ 31.
 
Give me the mantra-filled offerings your husband has given you and take my offerings.' 31.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)