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श्लोक 13.4.30  |
तामुवाच ततो माता सुतां सत्यवतीं तदा।
पुत्रि पूर्वोपपन्नाया: कुरुष्व वचनं मम॥ ३०॥ |
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| अनुवाद |
| उस समय माता ने अपनी पुत्री सत्यवती से कहा - 'पुत्री! तुम्हारी माता होने के नाते मेरा तुम पर अधिकार है, अतः तुम मेरी बात मानो।' |
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| At that time the mother said to her daughter Satyavati - 'Daughter! Being your mother I already have a right over you; therefore you must obey me.' |
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