Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.4.27: कल्याणी! रजस्वला होकर तुम्हारी माता पीपल का और तुम गूलर का आलिंगन करो। इससे तुम दोनों को मनोवांछित पुत्र की प्राप्ति होगी। 27॥ | mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋतुस्नाता च साश्वत्थं त्वं च वृक्षमुदुम्बरम्।
परिष्वजेथा: कल्याणि तत एवमवाप्स्यथ:॥ २७॥
अनुवाद
कल्याणी! रजस्वला होकर तुम्हारी माता पीपल का और तुम गूलर का आलिंगन करो। इससे तुम दोनों को मनोवांछित पुत्र की प्राप्ति होगी। 27॥
Kalyani! After taking menstrual bath, your mother should embrace the Peepal tree and you should embrace the Sycamore tree. With this, both of you will get the desired son. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥