vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम
»
श्लोक 24
श्लोक
13.4.24
तत: सा त्वरितं गत्वा तत् सर्वं प्रत्यवेदयत्।
मातुश्चिकीर्षितं राजनृचीकस्तामथाब्रवीत्॥ २४॥
अनुवाद
राजा ! तत्पश्चात सत्यवती ने तुरन्त जाकर ऋचीक से अपनी माता की सारी इच्छा कही। तब ऋचीक ने उससे कहा -॥24॥
King! Thereafter Satyavati immediately went and expressed all the wishes of her mother to Richik. Then Richik said to her -॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×