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श्लोक 13.4.23  |
ममापि पुत्रि भर्ता ते प्रसादं कर्तुमर्हति।
अपत्यस्य प्रदानेन समर्थश्च महातपा:॥ २३॥ |
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| अनुवाद |
| पुत्री! तुम्हारे पतिदेव भी मुझ पर कृपा करके पुत्र प्रदान करें, क्योंकि वे महान तपस्वी और समर्थ हैं।॥23॥ |
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| Daughter! Your husband should also shower his blessings on me to give him a son, because he is a great ascetic and capable.'॥ 23॥ |
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