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mahabharat 13.4.22: हे राजश्रेष्ठ! तब राजकुमारी ने अपनी माता से मुनि द्वारा कही गई सारी बातें कह सुनाईं। यह सुनकर उसकी माता ने लज्जित होकर सिर नीचा कर लिया और अपनी पुत्री से बोली -॥22॥   |   mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  13.4.22 
मात्रे तत् सर्वमाचख्यौ सा कन्या राजसत्तम।
अथ तामब्रवीन्माता सुतां किंचिदवाङ्मुखी॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे राजश्रेष्ठ! तब राजकुमारी ने अपनी माता से मुनि द्वारा कही गई सारी बातें कह सुनाईं। यह सुनकर उसकी माता ने लज्जित होकर सिर नीचा कर लिया और अपनी पुत्री से बोली -॥22॥
 
O best of kings! Then the princess told her mother everything that the sage had said. On hearing this, her mother lowered her head in embarrassment and said to her daughter -॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)