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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम
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श्लोक 14
श्लोक
13.4.14
एकत: श्यामकर्णानां हयानां चन्द्रवर्चसाम्।
सहस्रं वातवेगानां भिक्षे त्वां देवसत्तम॥ १४॥
अनुवाद
हे देवराज! मैं आपसे एक हजार घोड़ों की भिक्षा माँगता हूँ, जो चन्द्रमा के समान तेजस्वी और वायु के समान वेगवान हों, तथा जिनका एक कान काले रंग का हो।॥14॥
O Lord of gods! I ask you for alms of a thousand horses, as radiant as the moon and as swift as the wind, one of whose ears is black in colour.'॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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