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mahabharat 13.4.12: गाधि ने कहा, 'भृगुनंदन! आप मुझे एक हजार घोड़े लाकर दीजिए, जो चंद्रमा के समान चमकते हों, वायु के समान वेगवान हों तथा जिनके प्रत्येक कान का रंग काला हो।   |   mahabharat अध्याय 13.4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 4: आजमीढके वंशका वर्णन तथा विश्वामित्रके जन्मकी कथा और उनके पुत्रोंके नाम  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  13.4.12 
गाधिरुवाच
चन्द्ररश्मिप्रकाशानां हयानां वातरंहसाम्।
एकत: श्यामकर्णानां सहस्रं देहि भार्गव॥ १२॥
 
 
अनुवाद
गाधि ने कहा, 'भृगुनंदन! आप मुझे एक हजार घोड़े लाकर दीजिए, जो चंद्रमा के समान चमकते हों, वायु के समान वेगवान हों तथा जिनके प्रत्येक कान का रंग काला हो।
 
Gadhi said, 'Bhrigu Nandan! Please bring me a thousand horses as fee which are as lustrous as the moon, as fast as the wind and each ear of which is black in colour.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)