Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.39.16: मनुष्य को संसार के व्यवहार पर दृष्टि रखनी चाहिए। धर्म और अपने कल्याण के उपायों पर भी विचार करना चाहिए। ऐसा करने वाला व्यक्ति सदैव ज्ञानवान रहता है। 16॥ | mahabharat अध्याय 13.39: दानपात्रकी परीक्षा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोकयात्रा च द्रष्टव्या धर्मश्चात्महितानि च।
एवं नरो वर्तमान: शाश्वतीर्वर्धते समा:॥ १६॥
अनुवाद
मनुष्य को संसार के व्यवहार पर दृष्टि रखनी चाहिए। धर्म और अपने कल्याण के उपायों पर भी विचार करना चाहिए। ऐसा करने वाला व्यक्ति सदैव ज्ञानवान रहता है। 16॥
Man should look at the behavior of the world. Religion and measures for one's own welfare should also be considered. The person who does this is always enlightened. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥