तथा चिरोषितं चापि सम्प्रत्यागतमेव च।
अपूर्वं चैव पूर्वं च तत्पात्रं मानमर्हति॥ १०॥
अनुवाद
जो व्यक्ति बहुत समय तक उसके पास रहा हो और जो अभी-अभी कहीं से आया हो, चाहे वह परिचित हो या अपरिचित, वह उपहार और सम्मान पाने का पात्र है ॥10॥
The person who has stayed with him for a long time and who has just arrived from somewhere, whether he is an acquaintance or a stranger, he is worthy of receiving gifts and respect. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥