Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.37.d1-d2: जो क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र आपके सम्मान से पवित्र हो जाते हैं, वे इस लोक में भी प्रेम और धन प्राप्त करते हैं, परलोक में भी। जो आपके विरोधी हैं, वे आपके द्वारा रक्षित न होने के कारण नष्ट हो जाते हैं। ये सभी लोक आपके तेज से ही संचालित हैं, अतः आपको तीनों लोकों की रक्षा करनी चाहिए।' | mahabharat अध्याय 13.37: ब्रह्माजीके द्वारा ब्राह्मणोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र आपके सम्मान से पवित्र हो जाते हैं, वे इस लोक में भी प्रेम और धन प्राप्त करते हैं, परलोक में भी। जो आपके विरोधी हैं, वे आपके द्वारा रक्षित न होने के कारण नष्ट हो जाते हैं। ये सभी लोक आपके तेज से ही संचालित हैं, अतः आपको तीनों लोकों की रक्षा करनी चाहिए।'
‘The Kshatriyas, Vaishyas and Shudras who are purified by your respect, get love and wealth in this world as well as the next. Those who are against you, get destroyed because they are not protected by you. All these worlds are sustained by your brilliance; hence you should protect all the three worlds.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥