Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.37.12: हे निष्पाप युधिष्ठिर! इस प्रकार मैंने ब्रह्माजी द्वारा गाई हुई कथा तुमसे कही है। परम बुद्धिमान धाता ने ब्राह्मणों पर दया करने के लिए ऐसा कहा है॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 13.37: ब्रह्माजीके द्वारा ब्राह्मणोंकी महत्ताका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इत्येवं ब्रह्मगीतास्ते समाख्याता मयानघ।
विप्राणामनुकम्पार्थं तेन प्रोक्तं हि धीमता॥ १२॥
अनुवाद
हे निष्पाप युधिष्ठिर! इस प्रकार मैंने ब्रह्माजी द्वारा गाई हुई कथा तुमसे कही है। परम बुद्धिमान धाता ने ब्राह्मणों पर दया करने के लिए ऐसा कहा है॥ 12॥
Sinless Yudhishthira! This is how I have narrated to you the tale sung by Lord Brahma. The most intelligent Dhātā has said this to show mercy to the Brahmins.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥