Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.36.7-8h: जिस व्यक्ति का भोजन ब्राह्मण नहीं करते, उसका अन्न पितर भी स्वीकार नहीं करते। जो पापात्मा ब्राह्मणों से द्वेष रखता है, उसका अन्न देवता भी स्वीकार नहीं करते। | mahabharat अध्याय 13.36: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न तस्याश्नन्ति पितरो यस्य विप्रा न भुञ्जते॥ ७॥
देवाश्चाप्यस्य नाश्नन्ति पापस्य ब्राह्मणद्विष:।
अनुवाद
जिस व्यक्ति का भोजन ब्राह्मण नहीं करते, उसका अन्न पितर भी स्वीकार नहीं करते। जो पापात्मा ब्राह्मणों से द्वेष रखता है, उसका अन्न देवता भी स्वीकार नहीं करते।
Even the ancestors do not accept the food of a person whose food is not eaten by Brahmins. Even the gods do not accept the food of that sinful soul who hates Brahmins. 7 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥