Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.36.2-3h: राजाओं को चाहिए कि वे सदैव ब्राह्मणों का सत्कार करें, उन्हें उत्तम भोजन, आभूषण तथा अन्य इच्छित वस्तुएँ भेंट करके उनका अभिवादन करें और पिता के समान उनके पालन-पोषण का ध्यान रखें। तभी इन ब्राह्मणों के कारण राष्ट्र में शांति बनी रह सकती है। जैसे इंद्र से वर्षा पाकर सभी प्राणियों को सुख और शांति मिलती है। | mahabharat अध्याय 13.36: श्रेष्ठ ब्राह्मणोंकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजाओं को चाहिए कि वे सदैव ब्राह्मणों का सत्कार करें, उन्हें उत्तम भोजन, आभूषण तथा अन्य इच्छित वस्तुएँ भेंट करके उनका अभिवादन करें और पिता के समान उनके पालन-पोषण का ध्यान रखें। तभी इन ब्राह्मणों के कारण राष्ट्र में शांति बनी रह सकती है। जैसे इंद्र से वर्षा पाकर सभी प्राणियों को सुख और शांति मिलती है।
Kings should always worship Brahmins by offering them the best food, ornaments and other desired things presented to them by greeting them and take care of their upbringing like a father. Only then can there be peace in the nation due to these Brahmins. Just like all living beings get happiness and peace when they receive rain from Indra. 2 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥