Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.35.3-4: राजा को चाहिए कि वह वेदों के ज्ञाता ब्राह्मणों तथा वृद्धजनों का सदैव आदर करे। नगर तथा जनपद में निवास करने वाले विद्वान ब्राह्मणों से मधुर वाणी बोलकर, उन्हें उत्तम भोजन कराकर तथा आदरपूर्वक सिर झुकाकर उनका आदर करे। | mahabharat अध्याय 13.35: ब्राह्मणके महत्त्वका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा को चाहिए कि वह वेदों के ज्ञाता ब्राह्मणों तथा वृद्धजनों का सदैव आदर करे। नगर तथा जनपद में निवास करने वाले विद्वान ब्राह्मणों से मधुर वाणी बोलकर, उन्हें उत्तम भोजन कराकर तथा आदरपूर्वक सिर झुकाकर उनका आदर करे।
The king should always respect the Brahmins who know the Vedas and the elders. He should honour the learned Brahmins residing in the city and the district by speaking sweetly to them, providing them with the best food and bowing his head with respect. 3-4.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥