Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.35.26: इस पृथ्वी पर ऐसा कोई मनुष्य न तो कभी पैदा हुआ है और न ही कभी पैदा होगा जो ब्राह्मण के विरुद्ध जाकर भी सुखपूर्वक जीवन जीने का साहस कर सके। 26.   |   mahabharat अध्याय 13.35: ब्राह्मणके महत्त्वका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 35: ब्राह्मणके महत्त्वका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.35.26 
न स जातोऽजनिष्यद् वा पृथिव्यामिह कश्चन।
यो ब्राह्मणविरोधेन सुखं जीवितुमुत्सहेत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इस पृथ्वी पर ऐसा कोई मनुष्य न तो कभी पैदा हुआ है और न ही कभी पैदा होगा जो ब्राह्मण के विरुद्ध जाकर भी सुखपूर्वक जीवन जीने का साहस कर सके। 26.
 
No such man has ever been born on this Earth nor will ever be born who would dare to go against a Brahmin and still live happily. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)