युधिष्ठिर! तुम्हें भी शरणागतों के लिए अपना सर्वस्व त्याग देना चाहिए। जो मनुष्य अपने भक्त, प्रेमी और शरणागतों की रक्षा करता है तथा समस्त प्राणियों पर दया करता है, वह परलोक में सुख प्राप्त करता है ॥ 34-35॥
Yudhishthira! You should also sacrifice everything for those who seek refuge. The person who protects his devotee, lover and those who seek refuge and has compassion on all creatures, attains happiness in the next world. ॥ 34-35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥