Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.34.29: जब राजा के शरीर से सारा मांस अलग हो गया और केवल खून से लथपथ एक कंकाल ही बचा, तो उसने मांस काटना बंद कर दिया और स्वयं तराजू पर चढ़ गया। | mahabharat अध्याय 13.34: राजर्षि वृषदर्भ (या उशीनर)-के द्वारा शरणागत कपोतकी रक्षा तथा उस पुण्यके प्रभावसे अक्षयलोककी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब राजा के शरीर से सारा मांस अलग हो गया और केवल खून से लथपथ एक कंकाल ही बचा, तो उसने मांस काटना बंद कर दिया और स्वयं तराजू पर चढ़ गया।
When the King's body was stripped of all flesh and only a skeleton oozing blood was left, he stopped cutting the flesh and climbed onto the scales himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥