Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.33.30: जो लोग सभी देवताओं को प्रणाम करते हैं, केवल एक वेद की शरण लेते हैं, उसमें श्रद्धा रखते हैं और अपनी इंद्रियों को वश में रखते हैं, उन्हें कठिन समस्याओं से भी मुक्ति मिल जाती है। | mahabharat अध्याय 13.33: नारदजीके द्वारा पूजनीय पुरुषोंके लक्षण तथा उनके आदर-सत्कार और पूजनसे प्राप्त होनेवाले लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग सभी देवताओं को प्रणाम करते हैं, केवल एक वेद की शरण लेते हैं, उसमें श्रद्धा रखते हैं और अपनी इंद्रियों को वश में रखते हैं, उन्हें कठिन समस्याओं से भी मुक्ति मिल जाती है।
Those who bow to all gods, take refuge in only one Veda, have faith in it and keep their senses under control, they also get relief from difficult problems.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥