Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.33.24: जो स्त्री नहीं रखते, अर्थात् ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, अग्निहोत्र का पालन करते हैं, वेदों को धारण करते हैं और जो सम्पूर्ण प्राणियों के आत्मा परमात्मा को ही सबका कारण मानते हैं, उनकी मैं सदैव पूजा करता हूँ॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 13.33: नारदजीके द्वारा पूजनीय पुरुषोंके लक्षण तथा उनके आदर-सत्कार और पूजनसे प्राप्त होनेवाले लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो स्त्री नहीं रखते, अर्थात् ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, अग्निहोत्र का पालन करते हैं, वेदों को धारण करते हैं और जो सम्पूर्ण प्राणियों के आत्मा परमात्मा को ही सबका कारण मानते हैं, उनकी मैं सदैव पूजा करता हूँ॥ 24॥
I always worship those who do not keep a wife, i.e., who observe celibacy, who perform Agnihotra, who possess the Vedas and who believe the Supreme Soul, the soul of all beings, to be the cause of everything. ॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥